CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला, 30 जवान शहीद, 50 जख्मी

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श्रीनगर।

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। पुलवामा में अवंतीपोरा के गोरीपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ। बम धमाके में करीब 23 जवान शहीद हो गए जबकि 45 जवान घायल हैं। 18 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जख्मी सैनिकों को सेना के अस्पताल ले जाया गया है। जहाँ सभी का इलाज़ जारी है। घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक हमले के वक़्त काफिले में सीआरपीएफ की करीब दर्जनभर गाड़ियों में 2500 से अधिक जवान सवार थे। आतंकियों द्वारा सुरक्षाबलों की दो गाड़ियों को निशाना बनाया।

सुरक्षाबलों का काफिला श्रीनगर-जम्मू हाईवे से होकर जा रहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, हमले को लगभग दोपहर 3:20 बजे अंजाम दिया गया। घटना में 23 जवान शहीद हो गए हैं, गंभीर रूप से घायल हुए 15 जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल बदामीबाग में भेजा गया है।

फिदायीन हमला ?

सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जेईएम प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने अपने बयान में कहा कि हमले में सुरक्षाबलों के दर्जनों वाहन नष्ट कर दिए गये। यह फिदायीन हमला था। जिसको अंजाम देने वाला ड्राइवर पुलवामा के गुंडई बाग का रहने वाला है। इसका नाम आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो है। आदिल अहमद का एक फोटो भी सामने आया है। जिसमें उसने खुद को जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर बताया है।

सीआरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि सड़क पर एक चार पहिया वाहन में IED लगाया गया था। कार हाईवे पर खड़ी थी। जैसे ही सुरक्षाबलों का काफिला कार के पास से गुजरा, कार में एकाएक ब्लास्ट हो गया। इस दौरान काफिले पर फायरिंग की भी खबरें सामने आ रही हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया था अलर्ट

अफजल गुरू की बरसी यानि 8 फरवरी को ख़ुफ़िया एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया था, जिसमें IED प्लांट का भी अलर्ट किया गया था। अलर्ट में कहा गया था कि, जम्मू कश्मीर में आतंकी सुरक्षा बलों के डिप्लॉयमेन्ट और उनके आने जाने के रास्ते पर IED से हमला कर सकते हैं। सुरक्षा बलों को अलर्ट करते हुए ख़ुफ़िया एजेंसियों ने एरिया को बिना सेंसिटाइज किए ड्यूटी पर न जाने की हिदायत दी थी।

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